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Written By: Atul Modi | Published : February 13, 2023 10:38 AM IST
Ayurvedic Herbs For Good Sleep In Hindi: जल्दी सोना और जल्दी उठाना हर किसी की हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिन अच्छा गुजरे, इसके लिए हेल्दी और अच्छी नींद लेनी बेहद जरूरी है। लेकिन खराब लाइफस्टाइल, बीजी शेड्यूल की वजह से अच्छी नींद हर किसी को नहीं मिल पाती। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर उम्र के लोग नींद से जुड़ी किसी ना किसी समस्या से प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा आबादी का एक बड़ा हिस्सा मेडिकली नींद की गोलियों पर निर्भर है। अच्छी नींद देने वाली यह मामूली सी दवाएं आगे चलकर एक बड़े खतरे का कारण बनने लगती हैं। इन सबके बीच एक अच्छी बात ये भी है कि, नींद से जुड़ी अलग-अलग तरह की समस्याओं से निपटने के लिए एक सुरक्षित, हेल्दी और नेचुरल ऑप्शन भी है।
आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं कि, नींद से जुड़ी समस्या से निपटने के लिए आयुर्वेद में काफी असरदार जुड़ी बूटियां हैं। जिन्हें आजमाने से आपको नींद से जुड़ी सारी दिक्कतों से छुटकारा मिल सकता है। हालांकि जब भी नींद से जुड़े विकारों के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल की बात आती है, तो उससे जुड़े कई तरह के उपचार किये जा सकते हैं। इसमें आयुर्वेदिक चूर्ण, काढ़ा, तेल किसी भी रूप इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। आइए कुछ ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के बारे में जानते हैं। जिनसे आपको अच्छी नींद मिल सकती है।
अश्वगंधा को जिनसेंग के रूप में भी जाना जाता है। अश्वगंधा को इस्तेमाल आदियों से आयुर्वेदिक उपचार में किया जा रहा है। आयुर्वेदिक फार्माकोलॉजी के सबसे पुराने हर्ब में अश्वगंधा का नाम शामिल है। इसके इस्तेमाल से नींद के गुण को समान्य करने में भी मदद मिलती है। अश्वगंधा को इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुणों की वजह से पूरी हेल्थ को अच्छा बनाए रखने के लिए जाना जाता है। एक्सपर्ट्स भी चिंता और नींद से जुड़ी परेशानियों से निपटने के लिए अश्वगंधा को कारगर बताते हैं। हालांकि जड़ी बूटी में सक्रीय तत्व होते हैं, जो शरीर जो जमीन से जोड़े रखने के साथ दिमाग को शांति भरी नींद देने के लिए तैयार करते हैं। आमतौर पर अश्वगंधा की जड़ जैविक पाउडर के रूप में मिलती है।
दक्षिणी और पूर्वी भारत की जिमिन पर ब्राह्मी पाया जाता है। इसकी तासीर ठंडी होती है। आरामदायक नींद के लिए यह काफी मददगार होता है। इसे नींद से जुड़े विकारों के लिए आयुर्वेदिक जुड़ी बूटी माना जाता है। इसका इस्तेमाल डायजेशन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने और शरीर में ब्लड सर्क्युलेशन को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। ब्राह्मी पाउडर, टैबलेट, तेल या फिर हर्बल मिश्रण के रूप में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
याददाश्त बढ़ाने के लिए शंखपुष्पी का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके अलावा शंखपुष्पी करी तरह के तनाव को दूर करने में भी प्रभावी है। जो शारीरिक, मानसिक और भावात्मक हो सकते हैं। इसके अलावा इसमें ऐसे भी कई गुण होते हैं, जो पूरी हेल्थ के लिए अच्छे होते हैं। अच्छी नींद लाने में शंखपुष्पी मददगार हो सकती है। पाउडर, कैप्सूल और सीरप के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है।
अश्वगंधा की तरह जटामांसी का पौधा भी शरीर में कफ और पित्त दोष को कम करता है। इसलिए इसे आयुर्वेद में उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें नींद से जुड़ी समस्या का उपचार भी शामिल है। इसे आयुर्वेद में स्लीप इनिशिएटर के रूप में जाना जाता है। इसमें नींद की गुणवत्ता बढ़ाने की क्षमता होती है। इसे आमतौर पर पाउडर और तेल के रूप में लिया जाता है।
ज्योतिष्मती को मलकांगनी के नाम से जाना जाता है। इसकी तासीर बेहद गर्म होती है। इसके बीज का पाउडर खाने से शरीर में गर्मी बढ़ने लगती है। इसलिए आयुर्वेद इसे कम मात्रा में लेने की सलाह देता है। सर्दियों के मौसम में इसकी ज्यादा खुराक ली जा सकती है। अच्छी नींद के लिए इसका इस्तेमाल तेल और पाउडर दोनों तरह से किया जा सकता है।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां सुरक्षित, असरदार और लंबे समय तक इसेमाल करने के लिए आदर्श हैं। अनिद्रा से जुड़े गंभीर मामलों के इलाज के लिए दवाओं की जगह आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की मदद से इन आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई समस्त जानकारी आपकी जागरूकता के लिए है। अगर आप इन युक्तियों को प्रयोग में लाना चाहते हैं तो पहले अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।)