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एक समय था जब चश्मा सिर्फ बुजुर्गों की आंखों पर नजर आता है, लेकिन आज के समय में छोटे-छोटे बच्चों का बचपन भी चश्में के बोझ तले दबा हुआ नजर आता है। टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, पॉल्यूशन के साथ ही कई बार अनुवांशिक कारणों से भी आंखें कम उम्र में ही कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में जरूरी है कि समय पर आप अपनी आंखों की सेहत पर ध्यान दें। प्राचीन भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति इसमें आपकी मददगार बन सकती है। आयुर्वेद के अनुसार आंखों का संबंध पित्त दोष से है। यह पाचन अग्नि और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है। जब शरीर में पित्त का बैलेंस बिगड़ता है तो आंखों की कई परेशानियां होने लगती हैं। हेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट से इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है, जिसका असर आंखों की सेहत और रोशनी पर भी होता है।
आयुर्वेद के अनुसार कुछ आदतों में सुधार करके आप अपनी आंखों को हेल्दी रख सकते हैं।
आंखों को हेल्दी बनाए रखने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। आप दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं। साथ ही जूसी फलों, हर्बल टी और जूस का सेवन करें। इससे आंखों की ड्राइनेस दूर होगी।
आयुर्वेद के अनुसार पित्त दोष के कारण आंखों की सेहत बिगड़ती है। ऐसे में आपको डाइट में वो फूड्स शामिल करने चाहिए जो पित्त दोष को कम करते हैं। नियमित रूप से खीरा, नारियल पानी, अंगूर, संतरे, खरबूजे, पत्तेदार सब्जियां खाने से आपको फायदा मिलेगा।
जिस तरह आप शरीर को हेल्दी रखने के लिए एक्सरसाइज करते हैं। ठीक वैसे ही आंखों को हेल्दी रखने के लिए भी नियमित आई एक्सरसाइज करें। इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होंगी साथ ही उन्हें आराम भी मिलेगा। इन एक्सरसाइज से आंखों की वेन्स में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा और आंखों का टेंशन कम होगा। ये एक्सरसाइज इतनी आसान हैं कि आप इन्हें सिर्फ 10 मिनट में कहीं भी कर सकते हैं।
शुद्ध देसी घी आपकी आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह आंखों को चिकना रखने के साथ ही रोशनी बढ़ाने में भी मददगार है। अगर आप गाय का देसी घी खाते हैं तो इसका असर ज्यादा होगा।
आंखों को हेल्दी रखना है तो पर्याप्त नींद जरूर लें। इससे आंखों को रिलैक्स और रिपेयर होने का समय मिलता है। कम से कम 8 से 9 घंटे की नींद रोजाना लें। सोने से करीब एक घंटा पहले स्क्रीन से दूरी बना लें। कमरे में सोने का उचित माहौल होना जरूरी है।
पॉल्यूशन आंखों का दुश्मन है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी आंखों को धूल, धुएं और प्रदूषण से बचाएं। सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाव के लिए धूप का चश्मा लगाएं। दिन में दो से तीन बार आंखों को ताजे पानी से वॉश करें। नेत्र तर्पण और नेत्र बस्ती जैसी आयुर्वेदिक पद्धति भी अपना सकते हैं।
आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी बूटियां हैं जो आपकी आंखों के लिए फायदेमंद हैं। इन्हीं में से एक है त्रिफला। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर त्रिफला तीन फलों का मिश्रण है। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ ही कई अन्य समस्याएं भी दूर करता है। इसी के साथ बिलबेरी भी आंखों के लिए अच्छी है। इसमें मौजूद एंथोसायनिन से आंखों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे आई साइट में भी सुधार होता है।