इन 5 आयुर्वेदिक उपायों से सुबह उठते ही पेट की गंदगी होगी साफ, कब्ज का मिट जाएगा नामोनिशान

Kabj Ka Ayurvedic Upay: कब्ज को दूर करने और डाइजेशन को बेहतर बनाने के लिए यह पांच आयुर्वेदिक उपाय बहुत ही कारगर है। 

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Written By: Atul Modi | Published : February 6, 2023 10:17 AM IST

कब्ज एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जो आपकी दिनचर्या भूख और यहां तक कि आपका मूड भी खराब कर सकती है। कब्ज को आमतौर पर आंतों की रुकावट के तौर पर जाना जाता है। इस स्थिति में आपका बॉवेल मूवमेंट खराब हो जाता है यानी पेट साफ नहीं होता है। कब्ज होने की मुख्य कारणों में जंक फूड का अत्यधिक सेवन, धूम्रपान करना, गलत समय पर भोजन करना, आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का अभाव, पर्याप्त मात्रा में पानी ना पीना और नींद की कमी है। इसके अलावा जो लोग व्यायाम नहीं करते हैं उनमें भी कब्ज आम समस्या है। कब्ज का उपचार नहीं किए जाने पर इसके कारण कई अन्य गंभीर स्वास्थ समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए कब्ज के उपचार के लिए हम आपको यहां 5 आयुर्वेदिक उपायों (Kabj Ka Ayurvedic Upay) के बारे में बता रहे हैं। इसके माध्यम से ना सिर्फ आपका डाइजेशन सही रहेगा बल्कि सुबह पेट साफ होने (Pet Saaf Karne Ka Ayurvedic Tarika) में भी दिक्कत महसूस नहीं होगी।

कब्ज को दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय - Kabj Ka Ayurvedic Upay

वात दोष को संतुलित करने वाले आहार - Diet For Vata Dosha

आयुर्वेद के अनुसार, 'वात' मन और शरीर की सभी गतिविधियों को कंट्रोल करता है। वात संतुलित आहार में ताजा भोजन और हेल्दी फूड शामिल होते हैं जो नरम या गूदेदार होते हैं। ये खाद्य पदार्थ प्रोटीन और वसा से भरपूर होते हैं और गर्म या गुनगुने दोनों तरह से परोसे जाते हैं। इसलिए ठंडे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों से दूर रहें और गर्म खाद्य पदार्थ, गर्म पेय और अच्छी तरह से पकी हुई सब्जियों का सेवन करें।

त्रिफला - Triphla

त्रिफला कब्ज दूर करने के लिए सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक उपचारों में से एक है। त्रिफला में ग्लाइकोसाइड होता है जिसमें रेचक गुण होते हैं। त्रिफला को आप गर्म पानी में मिलाकर चाय बना सकते हैं। आप एक चौथाई चम्मच त्रिफला में आधा चम्मच धनिया के बीज और एक चौथाई चम्मच इलायची के बीज भी मिला सकते हैं। इन्हें एक साथ पीसकर एक गिलास पानी में मिला लें। मल त्याग को आसान बनाने के लिए तीनों बहुत प्रभावी हैं।

भुनी हुई सौंफ - Saunf Ke Beej

अगर आपको कब्ज की समस्या है तो एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच भुनी और पिसी हुई सौंफ मिलाएं। सौंफ के बीजों का सेवन कुछ गैस्ट्रिक एंजाइमों का उत्पादन करने में मदद कर सकता है जो पाचन प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकते हैं और बिना जोर लगाए मल त्याग करने में मदद मिलती है।

बेल - Bael Fruits

बेल के फल में रेचक गुण होते हैं। अगर आपको कब्ज की समस्या है तो शाम को खाने से पहले आधा कप बेल के गूदे को एक चम्मच गुड़ के साथ खाएं। आप बेल के रस को थोड़े से इमली के पानी और गुड़ के साथ मिलाकर भी बेल का शरबत ले सकते हैं। यदि आप डायबिटीज रोगी हैं तो बेल का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। साथ ही बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें क्योंकि यह आपके पेट को और खराब कर सकता है।

मुलेठी - Mulethi

मुलेठी में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है और यह पाचन में सहायता कर सकता है। एक कप गर्म पानी में एक चम्मच पिसी हुई मुलेठी की जड़ और एक चम्मच गुड़ मिलाएं। हालांकि नियमित रूप से इसका सेवन करने से पहले किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह दी जाती है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई समस्त जानकारी आपकी जागरूकता के लिए है। अगर आप इन युक्तियों को प्रयोग में लाना चाहते हैं तो पहले अपने विशेषज्ञ/चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।)

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