Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
पहले भी कई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हो चुका है कि ज्यादातर भारतीयों में पोषक तत्वों की कमी एक चिंता का विषय बनी हुई है। सही डाइट न होने की वजह से चाहे बूढ़े हो या फिर जवान सभी में थोड़ी से लेकर बहुत ज्यादा तक पोषक तत्वों की कमी जरूर होती है। यही कारण है कि बहुत से लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और वो बार-बार बीमार पड़ते रहते हैं। ज्यादातर भारतीयों में प्रोटीन, विटामिन डी, आयरन, विटामिन बी12 और फोलेट जैसे पोषक तत्वों की कमी पाई जाती है, जो कि बहुत आम है। लेकिन कोरोना काल में हमारा स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, जिसके लिए हमारा इम्यून सिस्टम दुरुस्त होना चाहिए। हमारा इम्यून सिस्टम अगर दुरुस्त रहेगा तो हम कम बीमार पड़ेंगे, जिसके लिए जरूरी है पोषक तत्वों की कमी न हो। इस लेख में हम आपको ऐसी 4 जड़ी-बूटियों के बारे में बता रहे हैं, जो हमारे इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करते हैं। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये जड़ी-बूटियां।
गिलोय को ही गुड्डुची कहा जाता है, जो बरसों से प्रयोग में लाई जाने वाली जड़ी-बूटी है। आयुर्वेद में इस जड़ी-बूटी को सबसे मूल्यवान जड़ी-बूटी करार दिया गया है, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने के साथ-साथ संक्रमण से लड़ने, लंबे जीवनकाल और याददाश्त को बढ़ाने में मदद करती है। गिलोय का इस्तेमाल श्वसन समस्याओं जैसे ब्रोंकाइटिस और अस्थमा से राहत दिलाने के साथ-साथ पुरानी से पुरानी खांसी को दूर करने में भी किया जाता है।
अश्वगंधा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारत, मध्य एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में किया जाता है। इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल पांरपरिक दवाओं में बरसों से होता आ रहा है। अश्वगंधा न सिर्फ दर्द को कम करने का काम करती है बल्कि ये सूजन और आपकी रिकवरी में भी काफी मदद करती है। ये जड़ी-बूटी इतनी फायदेमंद है कि अगर आपको रात में नींद नहीं आती है या फिर आप तनाव से ग्रस्त रहते हैं तो इसका इस्तेमाल इन दोनों में कर राहत पाई जा सकती है।
तुलसी का सेवन इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए किया जाता है। तुलसी में मौजूद एंटी-माइक्रोबियाल गुण श्वसन समस्याओं को दूर करने में काफी कारगर सिद्ध होते हैं। इतना ही नहीं ये जड़ी-बूटी संक्रमण से सुरक्षा भी प्रदान करती है और चिंता, अवसाद व थकान जैसी स्थितियों में फायदेमंद साबित होती है। तुलसी का इस्तेमाल छाती में जमा बलगम को निकालने और खांसी को खत्म करने के लिए भी किया जाता है। इस जड़ी-बूटी में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने का काम करते हैं।
आंवला के ढेर सारे फायदे होते हैं, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत पहुंचाने का काम करता है। आंवला हमारे शरीर के जरूरी अंगों जैसे लिवर, दिल, दिमाग और फेफड़ों के सही तरीके से काम करने में बेहद प्रभावी साबित होता है। आंवला में विटामिन सी, एमिनो एसिड, पेक्टिन और एंटी-ऑक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने का काम करते हैं।