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माइग्रेन के दर्द से तुरंत राहत दिलाते हैं ये 3 आयुर्वेदिक नुस्खे, जानिए प्रयोग करने का तरीका

Ayurvedic Treatment for Migraine: डॉक्टर दीक्षा भावसार के अनुसार, हमारे किचन में आमतौर पर पाई जाने वाली कुछ सामग्रियां हैं जिनकी मदद से आप माइग्रेन के दर्द से राहत पा सकते हैं। 

Written By Atul Modi
Updated : November 26, 2022 7:01 AM IST

Ayurvedic Treatment for Migraine: माइग्रेन का दर्द बहुत ही पीड़ादायक होता है। विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार दुनिया में हर 7 में से करीब एक व्यक्ति माइग्रेन से प्रभावित होता है। माइग्रेन पुरुषों की तुलना में महिलाओं में 3 गुना ज्यादा होता है। माइग्रेन के दर्द से निपटने के लिए अक्सर लोग दर्द निवारक गोलियों की मदद लेते हैं, हालांकि आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर दीक्षा भावसार माइग्रेन के लक्षण (Migraine Symptoms) से राहत पाने के लिए प्राकृतिक घरेलू आयुर्वेदिक उपाय को अपनाने की सलाह देती हैं।

माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज - Migraine Ayurvedic Treatment In Hindi

भीगी हुई किशमिश

डॉ दीक्षा सबसे पहले एक हर्बल चाय पीने की सलाह देते हैं जिसे बनाने के लिए एक चम्मच धनिया, एक चम्मच सौंफ, 5-7 पुदीने की पत्तियां और 10 करी पत्ते लेकर एक गिलास पानी में अच्छी तरह से पकाएं। 5 मिनट उबालने के बाद से चाय की तरह पिएं। इसके बाद रात भर भीगी हुई 10 से 15 किशमिश लें। जय माइग्रेन के सिर दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। लगातार लगभग 3 महीने तक इनका सेवन करने से वात और पित्त दोष को कम होता है माइग्रेन से जुड़े लक्षणों (Migraine Symptoms) जैसे- एसिडिटी, मतली, जलन, अधकपारी आदि को शांत करता है।

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जीरा-इलायची की चाय

माइग्रेन के दर्द में जीरा इलायची की चाय भी बहुत कारगर है। इसे लंच या डिनर के 1 घंटे बाद जब भी माइग्रेन के लक्षण महसूस हो तब लिया जा सकता है। यह माइग्रेन के अन्य लक्षणों में भी अच्छा काम करता है। जीरा इलायची की चाय बनाने के लिए आधा गिलास पानी लीजिए, उसमें एक छोटा चम्मच जीरा और एक इलायची डालिए। इसे 3 मिनट के लिए उबालें और छानकर पिएं।

गाय का देसी घी

गाय का घी भी माइग्रेन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। डॉ दीक्षा के अनुसार, शरीर और दिमाग में अतिरिक्त पित्त को संतुलित करने में गाय के घी से बेहतर कोई भी नहीं हो सकता, जो कि माइग्रेन का कारण है। घी का सेवन करने के लिए आप भोजन के साथ, रात को सोते समय दूध के साथ ले सकते हैं। देसी घी को नाक में दो-दो बूंद डालना भी माइग्रेन में फायदेमंद है।

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