प्रेग्नेंसी के दौरान मसूड़ों से खून आना क्यों बढ़ जाता है?
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। कुछ महिलाओं को इस दौरान मसूड़ों से काफी ज्यादा ब्लीडिंग होती है। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह?
डॉ. माधवी रेड्डी वेन्नापुसा, हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स में सीनियर कंसल्टेंट ऑब्टेशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट हैं, जिन्हें 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने दावणगेरे स्थित जेजेएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और उस्मानिया मेडिकल कॉलेज से प्रसूति एवं स्त्रीरोग में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की।
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। कुछ महिलाओं को इस दौरान मसूड़ों से काफी ज्यादा ब्लीडिंग होती है। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह?
मेनोपॉज के बाद महिलाओं को कई तरह की परेशानियां होती हैं, जिसमें हार्ट से जुड़ी परेशानी शामिल है। अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर मेनोपॉज और हार्ट के बीच क्या कनेक्शन है? आइए समझते हैं-
प्रेग्नेंसी में ज्यादा स्क्रीन टाइम होने से मां पर असर पड़ता है, इस बात से आप काफी अच्छे से वाकिफ हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे इन-डायरेक्ट रूप से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। आइए जानते हैं इस बारे में-
कई बार आपने सुना होगा कि प्रेग्नेंसी में बाईं करवट में सोना चाहिए। लेकिन क्या इस तरह सोने से भ्रूण को किसी तरह का फायदा होता है। आइए डॉक्टर से विस्तार से समझते हैं-
Baby movement count: प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे की हलचल महसूस करना मां के लिए एक सुखद भरा पल होता है। वहीं, अगर हलचल कम हो जाए, तो काफी चिंता होती है। आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी में बच्चे की हलचल कम महसूस हो, तो क्या करें?
इंस्टाग्राम पर इन दिनों भारती सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने जीरा-अजवाइन का पानी पीकर सिर्फ 3 दिनों में यूटीआई की परेशानी ठीक की। आइए डॉक्टर से जानते हैं क्या सच में यूटीआई की परेशानी जीरा और अजवाइन का पानी ठीक कर सकता है?
प्रेग्नेंसी के दौरान अगर नाइट शिफ्ट में जॉब कर रहे हैं, तो डॉक्टर से इसके जोखिमों के बारे में जरूर जान लें। ताकि आगे होने वाली परेशानियों से आप पहले से सुरक्षित हो सकें। आइए जानते हैं डॉक्टर से क्या नाइट शिफ्ट में जॉब करना सुरक्षित है या नहीं?
Thyroid in Pregnancy : प्रेग्नेंसी में थायराइड का स्तर अगर बढ़ गया हो या फिर काफी कम हो, तो यह दोनों ही स्थिति घातक हो सकती है। डॉक्टर से जानिए प्रेग्नेंसी में TSH का लेवल किस स्तर में जाकर घातक हो सकता है?
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