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Written By: Anshumala | Published : May 5, 2019 6:18 PM IST
योगासन, जो अस्थमा को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। © Shutterstock.
योग आपको कई रोगों से बचाए रखता है। इसके अभ्यास से सेहत पर कई लाभ होते हैं। योग से आप शारीरिक और मानसिक रूप से फिट बने रहते हैं। हालांकि, इसका अधिकतम लाभ तभी प्राप्त होता है, जब आप इसका नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। योग से अस्थमा को भी नियंत्रित कर सकते हैं। अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है, जो फेफड़ों के वायुमार्ग को संकुचित कर देता है। इससे सांस लेने में काफी तकलीफ होती है। कुछ योग पोज चेस्ट को स्ट्रेच करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही अस्थमा के लक्षणों को भी कम करते हैं। ये ऐसे योग हैं, जिन्हें धीमी गति में किया जाता है। जानें, उन तीन योगासनों के बारे में जो अस्थमा को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
प्राणामासन (प्रार्थना पोज)। © Shutterstock.
प्रणामासन (प्रार्थना पोज)
यह योग मुद्रा ध्यान और शांति की स्थिति बनाता है। यह आपको अधिक प्रभावी तरीके से ध्यान करने में भी मदद करता है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने के लिए आरामदायक स्थिति में अपने पैरों पर खड़े हो जाएं। फिर अपने हाथों को छाती के पास लाएं, जिस प्रकार प्राथना करते हैं। सुनिश्चित करें कि आप नियमित अंतराल पर सांस ले रहे हैं।
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पादाहस्त्रसना (पैर से हाथ तक का पोज)
अस्थमा को कम करने के लिए यह योग आसन बहुत उपयोगी होता है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने के लिए अपना ऊपरी शरीर झुकाएं और जमीन को छूने के लिए अपने हाथों को बढ़एं। इसके बाद अपने माथे से घुटनों को छूने का प्रयास करें। सुनिश्चित करें कि आपके पैर सीधे हों। जब आप अपने शरीर को झुकाते हैं तो सांस को बहार छोड़ें।
भुजंगासन
यह योग अस्थमा की समस्या को कम करने में मदद करता है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने के लिए अपने कंधों को झुकाते हुए अपनी दोनों हाथेलियों को जमीन पर रखें। इस लिफ्ट करने के बाद अपने चेस्ट और हाथों को सीधा करें और सिर की पीछे की ओर झुकाएं। सिर को पीछे झुकाते समय सांस लें।