... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
अक्सर छोटे बच्चों, महिलाओं यहां तक कि पुरुषों को एनीमिया की शिकायत के चलते तबियत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है. एनीमिया के कारण कई बार लोगों की मृत्यु तक हो जाती है।
एनीमिया को शरीर में खून की मात्रा के कम हो जाने के कारण के रूप में माना जाता है. भारत में एनीमिया के चलते हर साल कई लोगों की मृत्यु हो जाती है. एनीमिया के लक्षण, कारण, उपाय और सावधानियों के बारे में जानिये कुछ जरूरी बातें....
एनीमिया के खतरे
हमारे शरीर में रक्त में मात्रा का पता हीमोग्लोबिन नामक तत्व की सहायता से चलता है. जब हमारे शरीर में खून की मात्रा एक निश्चित स्तर से कम हो जाती है तो फिर इसे एनीमिया कहा जाता है।
एनीमिया का अर्थ शरीर में खून की कमी का होना होता है. पुरुषों के शऱीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12 से 16 प्रतिशत जबकि महिलाओं में 11 से 14 के बीच होना जरूरी होता है।
टाइप 2 डायबिटीजः दिखने लगे ये 5 लक्षण तो हो जाएं सावधान।
जब हमारे शरीर में मौजूद रक्त में लाल रक्त कणों या कोशिकाओं के नष्ट होने की दर या गति उनके निर्माण की दर या गति से अधिक हो जाती है तो फिर एनीमिया की शिकायत होती है।
एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की प्रसव यानी कि अपने बच्चे को जन्म देते समय मृत्यु होने की संभावना अधिक रहती है।
एनीमिया के लक्षण
एनिमीया से बचने के लिए क्या करें ? ©pixabay
डेली डाइट में हेल्दी और बैलेंस फूड कैसे करें चूज ?
शरीर में कमजोरी एवं थकावट होना
थोड़े समय में ही सांस फूलना
जीभ, नाखूनों एवं पलकों में सफेदी दिखना
चक्कर आना, बेहोशी महसूस होना
हाथ, पैर या चेहरे पर सूजन का आना
एनीमिया के कारण
बार-बार गर्भवती होना
माहवारी या मासिक धर्म के दौरान खून का अधिक निकलना
पेट में कीड़ें की शिकायत
शौच, उल्टी या खांसी के समय खून बह जाना
मात्र 2 एक्सरसाइज हार्ट अटैक के खतरे को 80 प्रतिशत कम देती हैं।
उपचार एवं रोकथाम
लौहतत्वों वाली चीजों का अधिक सेवन करना
विटामिन ए और विटामिन सी का सेवन करना
काली चाय और कॉफी से दूर रहें
पानी उबालकर ही पिएं
फोलिक एसिड वाली चीजें जैसे मूंगफली, अंडे, सूखे मेवे, मटर, बाजरा, शलजम आदि का अधिक सेवन
विटामिन ए के स्त्रोत जैसे मूली, गाजर, टमाटर, खीरा और शलजम आदि का अधिक से अधिक सेवन
अंकुरित दालों और अनाजों का नियमित प्रयोग