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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : February 10, 2019 5:22 PM IST
नींद का कम आना मतलब बीमारी का न्योता। ©Shutterstock.
एक वक्त था जब 10 बजते-बजते घर का हर सदस्य सो जाता था लेकिन अब देर रात तक जगे रहना बहुत आम हो गया है। चाहें कामकाजी महिलाएं हों या फिर हाउसवाइफ, सभी खाना-पीना हो जाने के बाद सोने से पहले को अपना फ्री-टाइम समझने लगी हैं। इस समय में ज्यादातर महिलाएं टीवी पर अपने पसंदीदा शो और फिल्में देखती हैं, वहीं कुछ अपने स्मार्टफोन पर मसरूफ रहती हैं।
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अगर आपको भी रातों को नींद नहीं आती या फिर आप देर रात तक अपने स्मार्टफोन पर व्हाट्सएप या वेब सीरीज का मजा लेना पसंद करती हैं तो जरा संभल जाइए। एक ताजा अध्ययन के मुताबिक अगर आप कम नींद लेती हैं तो आपको एल्जाइमर डिजीज होने का खतरा ज्यादा है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं का कहना है कि एक रात की नींद ना पूरी होने से एक विशेष प्रोटीन बीटा-एमीलोइड बढ़ जाता है। यह प्रोटीन एल्जाइमर डिजीज से जोड़कर देखा जाता है। आंखों की रोशनी बुढ़ापे तक नहीं होगी कम।
बीटा एमीलॉइज दिमाग में बढ़ने लगते हैं
एल्जाइमर डिजीज में बीटा एमीलॉइड प्रोटीन जुड़कर एमीलॉइड प्लाक्स बनाते हैं, जो इस बीमारी का खास पहचान है। इस रिसर्च से जुड़े शोधकर्ता जॉर्ज एफ खूब का कहना है, 'इस अध्ययन से पता चलता है कि नींद ना पूरे होने का हमारे शरीर पर कितना गहरा प्रभाव हो सकता है।
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शोधकर्ताओं ने बीटा-एमीलॉइड के इकट्ठा होने और नींद के बीच संबंध समझने के लिए 20 स्वस्थ लोगों के मस्तिष्क की जांच की, जिनकी उम्र 22 से 72 के बीच थी। इसमें उनका एक रात आराम लेने के बाद और एक रात 31 घंटों तक बिना सोए परीक्षण किया गया।
जांच में पाया गया कि एक रात नींद न मिलने पर बीटा एमीलॉइड प्रोटीन में 5 फीसदी का इजाफा हो गया था। यह प्रोटीन दिमाग के थेलेमस और हिप्पोकैंपस जैसे हिस्सों में भी बढ़ जाता है, जो एल्जाइमर के शुरुआती दौर में काफी संवेदनशील होते हैं। रिसर्चर्स ने यह भी पाया कि जिन लोगों में बीटा-एमीलॉइड काफी ज्यादा बढ़ा हुआ था, उनका नींद न पूरी होने के कारण मूड भी काफी खराब था।
नींद ना पूरी होने से दिनचर्या पर पड़ता है असर
नींद न पूरी होने से सिर्फ मस्तिष्क ही नहीं बल्कि पूरे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। नींद न पूरी होने से आप फ्रेश महसूस नहीं करतीं। दिमाग रिलैक्स नहीं होने के कारण आपको थकान महसूस होती है, बॉडी पेन होता है, किसी भी काम पर फोकस करने में दिक्कत होती है।
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यहां तक कि अपने मन की चीजें करने में भी आपको खुशी महसूस नहीं हो पाती। इस कारण आपका खाना-पीना और दिनचर्या भी प्रभावित होते हैं। इन चीजों को ध्यान में रखते हुए अगर आप समय से सोने की आदत डालें तो निश्चित रूप से आप रहेंगी फिट एंड फाइन।