पीनट वाले खाने से एलर्जी होने पर लंदन के एक भारतीय रेस्तरां पर जुर्माना, जानें कारण और बचाव

पीनट एलर्जी (Peanut Allergy) की वजह से कम उम्र के बच्चों को डायरिया, त्वचा में खुजली, चकत्ते व सूजन हो सकती है. मूंगफली या पीनट में पाया जाने वालो प्रोटीन एलर्जी का कारण बनता है. पीनट एलर्जी का इलाज (Peanut allergy treatment) तुरंत कराना चाहिए. कुछ मामलों में यह गंभीर हो सकता है.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : November 30, 2019 3:40 PM IST

पीनट अर्थात मूंगफली वाले खाने से एलर्जी होने पर लंदन के एक भारतीय रेस्तरां पर जुर्माना लगाया गया है. पीनट एलर्जी (Peanut Allergy) की वजह से 16 साल की लड़की की जीभ में झनझनाहट और सूजन होने लगी थी. लंदन के खाद्य सुरक्षा दल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि चिकन करी में मूंगफली वाले प्रोटीन की वजह से लड़की पीनट एलर्जी का शिकार हुयी थी. जो लोग पीनट एलर्जी के शिकार होते हैं उनके लिए यह जानलेवा हो सकता है. पीनट या मूंगफली में पाया जाने वाल प्रोटीन कुछ लोगों के लिए एलर्जी का कारण (peanut allergy causes) बनता है. रेस्तरां पर इस तरह की गलती करने के लिए 3767 पाउंड लगभग 3.5 लाख भारतीय रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

पीनट या मूंगफली खाने से क्यों होता है ऐसा.?

What is peanut allergy factsपीनट या मूंगफली खाने से क्यों होता है ऐसा.? What is peanut allergy facts.

Peanut allergy facts- इस बारे में जर्नल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च में प्रकाशित एक लेख के अनुसार "एलर्जी का संबंध इंसान के रोगों से लड़ने की क्षमता अर्थात रोग प्रतिरोधक क्षमता से होता है. कुछ लोगों में पीनट या मूंगफली का प्रोटीन एंटीजेन के तौर पर काम करता है, कई बार यह प्रतिरक्षा तंत्र को जागृत करने का काम करता है."

मूंगफली या पीनट एलर्जी के लक्षण क्या हैं.?

peanut allergy symptoms

जो लोग इस तरह के इम्यून सिस्टम के होते हैं उनमें ड्राई फ्रूट के प्रति एलर्जी होती है. जब इंसान मूंगफली या पीनट खाता है तो उसके मास्ट सेल्स जिसे बासोफिल्स भी कहते हैं वह एक विशेष तरह का उत्तेजक छोड़ता है. इसकी वजह से डायरिया, अस्थमा, त्वचा में खुजली और सूजन के साथ लाल चकत्ते पड़ने लगते हैं. कुछ लोगों को अन्य तरह की फूड एलर्जी भी होती है.

फूड एलर्जी का इलाज क्या है.? Peanut allergy treatment

अगर इलाज की बात की जाए तो फूड एलर्जी का कोई स्थाई इलाज नहीं है. जो लोग पीनट एलर्जी के शिकार होते हैं उनका एपिनफ्रीन के माध्यम से इलाज किया जाता है. एपिनफ्रीन एक तरह से श्वसन रोग में उपयोग की जाने वाली दवा है.

वर्तमान समय में फूड एलर्जी के खतरे को देखते हुए कई तरह के एपिनेफ्रीन डिवाइसेस भी बाजार में उपलब्ध हैं. इन डिवाइसेस की मदद से मरीज एपिनेप्रीन का इंजेक्शन स्वयं भी लगा सकता है.

डॉक्टर मानते हैं कि पीनट एलर्जी या किसी भी तरह की फूड एलर्जी होने पर इंसान को अस्पताल जाना चाहिए. क्योंकि कई बार मामला बहुत गंभीर होने का खतरा रहता है. फूड एलर्जी की वजह से लोगों की जान भी जा सकती है.

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