दो परिस्थितियों में मां से बच्चे को एचआईवी इंफेक्शन होने का ख़तरा होता है: पहली, जब मां को गर्भधारण के बाद संक्रमण का पता चलता है, दूसरी, अगर वह एचआईवी पॉजिटिव है और गर्भधारण करती है। हालांकि, ऐसी स्थितियों में, बच्चे को संक्रमण होने से बचाना ज़रूरी है। एक दशक पहले तक यह एक असंभव बात थी, लेकिन आज एडवांस एंटीरिट्रोवाइरल थेरेपी या एआरटी दवा (एचआईवी रोगियों के उपचार में इस्तेमाल होनेवाली दवाएं) के साथ एचआईवी पॉजिटीव मां के बच्चे की मदद की जा सकती है या उसे वायरस से मुक्त किया जा सकता है। हमने इस बारे में बात करने के लिए डॉ. गौरी गोरे, कंसल्टेंट गायनकोलॉजिस्ट, ज़ेन हॉस्पिटल, मुंबई से। जिन्होंने ये बातें बताई:
ऐसे तीन स्थितियां हैं जब एचआईवी मां से बच्चे तक फैल सकता है: प्रेगनेंसी के दौरान, लेबर और डिलिवरी या स्तनपान के दौरान।
ऐसा कोई रास्ता नहीं है जो माता-से-बच्चे तक एचआईवी के प्रसार को रोकने में मदद करेगा और जो 100 प्रतिशत गारंटी दे। लेकिन गर्भवती महिलाओं को एआरटी दवाइयां दी जाती हैं जो कि प्लेसेंटा (placenta) या गर्भनाल के ज़रिए फैलनेवाले वायरस के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। ये दवाएं खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं।
एचआईवी मां-से-बच्चों को फैलने की संभावना भी इंफेक्शन की गंभीरता और उसके लेवल पर निर्भर करती है। साथ ही इसने मां को किस हद तक प्रभावित किया है, वह भी महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था के दौरान एचआईवी (एचआईवी) का पता लगाने से पहले या महिला के गर्भवती होने से पहले एचआईवी फैलने का खतरा कम होता है और बच्चे तक एचआईवा के ट्रांसमिशन को रोकने के लिए तुरंत इलाज शुरू हो जाता है।
एचआईवी पॉजिटिव मां को दी जाने वाली दवाएं बी और सी ग्रेड की एआरटी दवाएं हैं जो गर्भावस्था के दौरान पूरी तरह सुरक्षित हैं और अब तक इनका कोई साइड-इफेक्ट पता नहीं चला है।
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एचआईवी पॉजिटिव मां में, वैजाइनल बर्थ के दौरान एचआईवी बच्चे तक फैलने की संभावना अधिक होती है। इसलिए ज्यादातर उनका सी- सेक्शन होता है।
एचआईवी पॉजिटिव माताओं से पैदा हुए बच्चे जन्म से4 से 6सप्ताह के लिए एचआईवी दवाएं प्राप्त करते हैं। एचआईवी दवाइयां किसी भी वायरस से संक्रमित होने का खतरा कम करती हैं जो बच्चे के जन्म के दौरान बच्चे के शरीर में प्रवेश कर सकती हैं।
चूंकि स्तनपान के माध्यम से मां से बच्चे के ट्रांसमिशन भी हो सकते हैं, इसलिए माता को जन्म के बाद अपने बच्चों को स्तनपान कराने की अनुमति नहीं होती है।
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