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गुहेरी (Stye)

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आंख में फुंसी होना एक आम समस्या है जिसे अंग्रेजी में स्टाई और हिन्दी में गुहेरी के नाम से जाना जाता है। हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह काफी परेशान कर देने वाली स्थिति होती है जबकि कुछ लोगों के इससे कोई ज्यादा तकलीफ नहीं होती है। डॉक्टर प्राची अगसे के अनुसार आंख की फुंसी का इलाज अनुचित तरीके से नहीं करना चाहिए। स्टाई एक ऐसी समस्या है, जिसमें आमतौर पलकों में मौजूद एक या एक से अधिक ग्रंथियां रुक जाती हैं। ग्रंथियां रुकने के कारण द्रव जमा होने लगता है और कई बार वह संक्रमित हो जाता है। कुछ लोगों के लिए गुहेरी काफी परेशान कर देने वाली स्थिति हो सकती है और इस कारण से आंखों व पलकों में लालिमा, सूजन और तेज खुजली की समस्याएं हो सकती हैं। अगर आंख में हुई फुंसी का आकार बढ़ गया है, तो इससे आंख में तेज दर्द भी हो सकता है और बार-बार पानी आने की समस्या भी होने लगती है। गुहेरी का इलाज आमतौर स्थिति के अंदरूनी कारण और उसकी गंभीरता के अनुसार ही किया जाता है। इसके अलावा लक्षणों को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रकार की दर्द निवारक और सूजन रोधी दवाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

गुहेरी के लक्षण

आंख की ऊपर या नीचे वाली पलक में फुंसी निकलना ही गुहेरी का सबसे प्रमुख लक्षण है। यह फुंसी आमतौर पर एक बड़े पिंपल या फोड़े की तरह दिखाई देती है, जिसका ऊपर से गुलाबी हो सकता है। वहीं कई बार इसमें पस भर जाने के कारण इसका रंग ऊपर से हल्का सफेद भी हो सकता है। आंख की पलक पर फुंसी होने के साथ-साथ निम्न लक्षण भी देखे जा सकते हैं, जैसे -

हालांकि, कई बार पलक की ग्रंथि में गांठ होने के कारण भी गुहेरी जैसी लक्षण महसूस होने लगते हैं। पलक की ग्रंथि में गांठ होने की स्थिति को कलेजियन (chalazion) के नाम से जाना जाता है। इसकी गांठ गुहेरी की तुलना में अधिक कठोर होती है, लेकिन इसके लक्षण इतने गंभीर नहीं होते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाएं

गुहेरी के कारण होने वाली आंख की फुंसियां अधिकतर मामलों में हानिरहित होती हैं और इससे व्यक्ति के देखने की क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि, अगर घरेलू उपायों से भी इसके लक्षणों में आराम नहीं हो रहा है या फिर इसके लक्षण लगातार गंभीर हो रहे हैं, तो ऐसे में डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।

गुहेरी के कारण

पलकों की तेल ग्रंथियों में संक्रमण होना गुहेरी के प्रमुख कारणों में से एक है। आंख में फुंसी पैदा करने वाला संक्रमण आमतौर पर स्टैफिलोकॉकस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। इस बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण कई बार पलकों में सूजन की समस्या भी हो जाती है। इसके अलावा कुछ मामलों में गुहेरी निम्न कारणों से भी हो सकती है -

गुहेरी के जोखिम कारक

कुछ स्थितियां हैं, जो आंख में फुंसी होने के जोखिम को बढ़ा सकती हैं जैसे -

गुहेरी का निदान

पलक पर विकसित हुई फुंसी की जांच करने मात्र से ही गुहेरी की समस्या का निदान किया जा सकता है। हालांकि, इसका कारण व इससे जुड़ी अन्य समस्याओं का पता लगाने के लिए डॉक्टर मरीज से उसके लक्षणों के बारे में पूछ सकते हैं और साथ ही यह भी जानकारी ली जाती है कि ये समस्या कितने समय से हो रही है। गुहेरी की करीब से जांच करने के लिए मैग्निफाइंग ग्लास और टॉर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है।

गुहेरी की रोकथाम

निम्न बातों का ध्यान रखकर आंख में फुंसी होने से बचाव किया जा सकता है -

अगर आपको पहले से ही गुहेरी है, तो इन बातों का ध्यान रखकर स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है - आंख की फुंसी संक्रामक नहीं होती है, लेकिन संक्रमण पैदा करने वाला बैक्टीरिया मेकअप के सामान और कॉन्टेक्ट लेंस की मदद से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकता है।

गुहेरी का इलाज

अगर गुहेरी गंभीर नहीं है या फुंसी बहुत ही छोटी है, तो कई मामलों में इलाज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती है और घरेलू उपचार जैसे सिकाई आदि की मदद से ही समस्या का इलाज किया जा सकता है। हालांकि, अगर घरेलू उपचारों से फुंसी ठीक नहीं हो पा रही है या फिर लक्षण लगातार गंभीर होते जा रहे हैं, तो ऐसे में डॉक्टर इसका इलाज शुरू कर सकते हैं। गुहेरी के इलाज में आमतौर पर निम्न को शामिल किया जाता है।

गुहेरी की जटिलताएं

आंख या पलक के ऊपर फुंसी विकसित होने पर अधिकतर मामलों में कोई बड़ी परेशानी विकसित नहीं होती है। हालांकि, अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो संक्रमण आसपास के हिस्सों में फैल सकता है। कुछ दुर्लभ मामलों में संक्रमण गंभीर रूप से फैल जाता है, जिससे प्रीसेप्टल या ऑर्बिटल सेलुलाइटिस कहा जाता है। गुहेरी के कारण कई बार छोटे बच्चों को बुखार की शिकायत हो सकती है।