Advertisement

अंडाशय कैंसर (Ovarian cancer)

Read in: English

अंडाशय के अंदर किसी भी हिस्से में विकसित होने वाले ट्यूमर को ओवेरियन कैंसर (अंडाशय कैंसर) के नाम से जाना जाता है। वैसे तो अंडाशय में विकसित होने वाले ज्यादातर ट्यूमर कैंसरयुक्त नहीं होते हैं, लेकिन इनका कैंसरग्रस्त बनना संभव होता है। यदि सरल भाषा में कहें तो ओवेरियन कैंसर में अंडाशय के अंदर विकसित होने वाले गैर कैंसरकारी और कैंसरयुक्त सभी प्रकार के ट्यूमर आते हैं। ट्यूमर की संरचना विज्ञान के अनुसार ओवेरियन कैंसर को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। ओवेरियन कैंसर की संरचना विज्ञान (HIstology) ही उसके इलाज, देखभाल और उससे होने वाली जटिलताओं निर्धारित करती है। पेडू व पेट में दर्द होना, पेट फूलना, बार-बार पेशाब जाना और भूख कम लगना आदि ओवेरियन कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। इसके इलाज में सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी आदि को शामिल किया जाता है।

Also Read

अंडाशय कैंसर की स्टेज

अंडाशय कैंसर की गंभीरता के अनुसार उसे अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है, जो कुछ इस प्रकार हैं -

अंडाशय कैंसर के लक्षण

आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि अंडाशय में कैंसर विकसित होने पर किसी प्रकार के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि, अगर अंडाशय के अलावा कैंसर किसी अन्य हिस्से में तक फैल गया है, तो लक्षण विकसित होने लगते हैं। लेकिन अमेरिकन कैंसर सोसायटी (American Cancer Society) ने 2007 में अंडाशय कैंसर के कुछ शुरुआती लक्षणों की लिस्ट जारी की थी। उनके अनुसार अंडाशय में कैंसर होने से भी कुछ लक्षण विकसित हो सकते हैं और उनमें निम्न शामिल हैं -

अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण लंबे समय तक रहते हैं या फिर समय के साथ-साथ ये और बदतर हो रहे हैं, तो आपको जल्द से जल्द किसी गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है कि उपरोक्त बताए गए लक्षण सिर्फ अंडाशय कैंसर का ही संकेत देते हैं, लेकिन स्थिति की पुष्टि करने के लिए इसकी जांच कराना बहुत जरूरी होता है।

अंडाशय कैंसर का कारण

महिलाओं के प्रजनन अंग अंडाशय (Ovaries) में होने वाले ट्यूमर को अंडाशय कैंसर कहा जाता है। हालांकि, अभी तक अंडाशय में कैंसर विकसित होने के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ ऐसे कारक हैं, जो अंडाशय कैंसर होने के खतरे को बढ़ा सकते हैं -

अंडाशय कैंसर का निदान

अभी तक ऐसा कोई विशेष टेस्ट तैयार नहीं किया गया है, जिसे सिर्फ ओवेरियन कैंसर का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया जा सके। हालांकि, कुछ तरीकों की मदद से इस स्थिति का पता लगाया जा सकता है। डॉक्टर सबसे पहले आपका शारीरिक परीक्षण करते हैं और आपके लक्षणों के बारे में पूछते हैं। इसके बाद कुछ अन्य टेस्ट कराने को कहा जाता है, जो अंडाशय कैंसर की पुष्टि करने में मदद करते हैं -

अंडाशय कैंसर की रोकथाम

ओवेरियन कैंसर के सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है, इसलिए इसकी रोकथाम करने के सटीक तरीकों के बारे में भी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। हालांकि, कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से अंडाशय कैंसर होने के जोखिम को कुछ हद तक किया जा सकता है -

अंडाशय कैंसर का इलाज

अंडाशय कैंसर का इलाज उसकी स्टेज, प्रकार और महिला की उम्र के अनुसार किया जाता है। यदि कोई महिला अंडाशय कैंसर से ग्रसित है, तो उसका इलाज करने के लिए सबसे पहले बायोप्सी टेस्ट की मदद से कैंसर की स्टेज का पता लगाया जाता है। ओवेरियन कैंसर के लिए उपलब्ध उपचार विकल्प कुछ इस प्रकार हैं -

ओवेरियन कैंसर का इलाज संभव है, लेकिन कुछ मामलों में यह काफी लंबे समय तक चलता है और यह काफी थकाऊ प्रक्रिया भी हो सकती है। यदि अंडाशय कैंसर का समय पर पता चल पाए तो इसका सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। लेकिन इसका समय पर पता लगना बहुत जरूरी होता है, इसलिए अगर आपको कोई भी ऐसा लक्षण महसूस होता है, जिससे आपको लगता है कि आप अंडाशय कैंसर से ग्रसित हो सकती हैं, तो आपको बिना किसी भी प्रकार की देरी किए डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।