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भोजन विषाक्तता (Food poisoning)

Dr. Rohit Sureka
Gastroenterologist

verified
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बैक्टीरिया से दूषित भोजन का सेवन करने से होने वाली समस्या को भोजन विषाक्तता या फूड पाइजनिंग (फूड पॉइजनिंग) कहा जाता है। भोजन में मौजूद ये बैक्टीरिया ऐसे विषाक्त पदार्थ बनाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं। हमारे शरीर में एक खास प्रणाली होती है, जो बैक्टीरिया को बढ़ने व संख्या बढ़ाने से रोकती है, कुछ मामलों में हम भोजन के माध्यम से बड़ी मात्रा में ऐसे बैक्टीरिया को निगल लेते हैं और कारणवश बीमार पड़ जाते हैं। फूड पाइजनिंग आमतौर पर साल्मोनेला, ई. कोलाई, कैम्फिलोबेक्टर या क्लोस्ट्रिडियम परफ्रीन्जेंस आदि के कारण होते हैं। फूड पाइजनिंग आमतौर पर तब होता है, जब हम कोई ऐसा भोजन खाते हैं जिसे उचित स्वच्छता बरतते हुए न बनाया गया हो। सिर्फ बैक्टीरिया ही नहीं कुछ प्रकार के वायरस, परजीवी व अन्य कई प्रकार हानिकारक रसायन भी हैं, जो फूड पाइजनिंग का कारण बन सकते हैं। फूड पाइजनिंग के लक्षण आमतौर पर अचानक से विकसित होते हैं और ज्यादा से ज्यादा एक हफ्ते तक रहते हैं। भोजन विषाक्तता से ग्रस्त ज्यादातर लोग बिना इलाज के ही ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को इस स्थिति के कारण गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, उनमें भोजन विषाक्तता के मामले सबसे अधिक देखे जाते हैं और इन लोगों को इससे जटिलताएं भी ज्यादा होती है। इन लोगों में आमतौर पर शिशु, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व्यक्ति या डायबिटीज जैसी किसी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति आदि।

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भोजन विषाक्तता के लक्षण

ज्यादातर मामलों में फूड पाइजनिंग के लक्षण आमतौर पर अचानक से विकसित होते हैं और वहीं कई बार दूषित भोजन खाने 48 घंटे के बाद लक्षण पैदा होने लगते हैं। फूड पाइजनिंग से होने वाले प्रमुख लक्षणों में आमतौर पर निम्न शामिल हैं -

भोजन विषाक्तता से कुछ लक्षण ऐसे भी होते हैं, जो आमतौर पर दुर्लभ मामलों में ही देखे जाते हैं जैसे -

डॉक्टर को कब दिखाएं

भोजन विषाक्तता कुछ मामलों में काफी परेशान कर देने वाली स्थिति बन सकती है और इसलिए इससे होने वाली समस्याओं से बचने के लिए इसका जल्द से जल्द इलाज करा लेना चाहिए। अगर आपको उपरोक्त में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है या फिर भोजन खाने के बाद आपको कोई तकलीफ महसूस हो रही है, तो ऐसे में डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए। इतना ही नहीं अगर आपको लगता है कि आपने दूषित, बासी या खराब खाना खाया है और अभी तक आपको कोई लक्षण महसूस नहीं हुआ है, फिर भी आपको डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए।

भोजन विषाक्तता के कारण

वायरस, बैक्टीरिया, पैरासाइट या किसी हानिकारक केमिकल से दूषित हो चुके खाद्य पदार्थों का सेवन करने से भोजन विषाक्तता के लक्षण देखने को मिल सकते हैं। भोजन विषाक्तता का कारण बनने वाली ये रोगाणु व रसायन खाद्य पदार्थों को किसी भी समय दूषित कर सकते हैं, जिसमें भोजन को उगाने, बनाने या रखने की प्रक्रियाएं शामिल हैं। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं, जिनमें पहले से ही सूक्ष्मजीव हो सकते हैं जैसे कच्चा मांस व अंडे, मछली, अन्य समुद्री जीव, अनपाश्चराइज्ड दूध और कच्चे फल व सब्जियां आदि। इसके अलावा बाहर से तैयार खाद्य पदार्थ जिन्हें पर्याप्त स्वच्छता के साथ तैयार न किया गया हो या फिर उचित रूप से सील न किया गया हो आदि में भी सूक्ष्म रोगाणु हो सकते हैं। ये सूक्ष्मजीव कच्चे खाद्य पदार्थों से अन्य पकाए हुए भोजन तक हाथों, बर्तनों व सतह के माध्यम से पहुंच सकते हैं। सूक्ष्मजीव व अन्य एजेंट जो भोजन विषाक्तता का कारण बनते हैं -

भोजन विषाक्तता के जोखिम कारक

उम्र भोजन विषाक्तता के सबसे प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है, उदाहरण के लिए 5 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों में भोजन विषाक्तता होने का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं या फिर वे व्यक्ति जिनकी किसी बीमारी के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ गई हो, उन्हें भी भोजन विषाक्तता होने का खतरा बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए एचआईवी-एड्स, डायबिटीज और कैंसर के रोगियों में भोजन विषाक्तता होने का खतरा अधिक देखा जा सकता है। कुछ खाद्य पदार्थ भी हैं, जो अन्य की तुलना में भोजन विषाक्तता होने के खतरे को बढ़ा देती है - कच्चा मीट, अंडे या मछली स्प्राउट्स (अंकुर) कच्चा दूध अनपाश्चराइज्ड दूध से बना चीज व अन्य डेयरी प्रोडक्ट अनपाश्चराइज्ड मीट स्प्रेड्स