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हड्डियों का कैंसर (Bone cancer)

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बोन कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से हिस्से में मौजूद हड्डियों में विकसित हो सकता है, लेकिन यह बांह व टांगों की लंबी हड्डियों में पाया जाता है। यह किसी भी व्यक्ति को उसके शुरुआती 20 वर्षों में होता है, क्योंकि उस दौरान हड्डियां विकसित हो रही होती है। बोन कैंसर के आम प्रकारों में ओस्टियोसार्कोमा, कोंड्रोसारकोमा और इविंग सारकोमा आदि शामिल हैं। इसके अलावा बोन कैंसर के कुछ दुर्लभ प्रकार भी हैं, जैसे फाइब्रोसार्कोमा, लिमेयोसार्कोमा, मालिग्नेंट फाइब्रस हिस्टियोसाइटोमा, एंजियोसार्कोमा और कोरडोमा आदि शामिल हैं। यदि कैंसर शरीर के किसी अन्य हिस्से से फैलकर हड्डियों तक पहुंचा है तो उसे सेकेंडरी बोन कैंसर कहा जाता है। बोन कैंसर एक अनुवांशिक रोग के रूप में विकसित हो सकता है और कई अन्य वातावरणीय कारक भी हैं, जो इस रोग का कारण बन सकते हैं जैसे रेडियोथेरेपी के संपर्क में आना आदि। प्रभावित हड्डी वाले हिस्से में सूजन व गंभीर दर्द होना आदि इसके प्रमुख लक्षणों में से एक हैं। बोन कैंसर का इलाज रोग के कारण, लक्षणों की गंभीरता और व्यक्ति की शारीरिक स्थिति के आधार पर किया जाता है।

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हड्डियों के कैंसर के प्रकार

हड्डियों के कैंसर के प्रकार इस बात पर निर्भर करते हैं, कि कैंसर शरीर के किस हिस्से पर विकसित हुआ है। हड्डियों के कैंसर आमतौर पर दो प्रकार के होते हैं जिन्हें प्राइमरी और सेकेंडरी बोन कैंसर कहा जाता है।

हड्डियों के कैंसर के लक्षण

हड्डियों के कैंसर के दौरान विकसित होने वाले सभी लक्षण अन्य प्रकार के कैंसरों के समान नहीं होते हैं। हड्डियों या जोड़ों में दर्द व सूजन होना अक्सर हड्डियों के कैंसर का शुरुआती लक्षण होता है। बच्चों के मामलों में इसे सामान्य चोट का दर्द या हड्डियां विकसित होने के लक्षण मान लिया जाता है। इस कारण से कई बार बच्चों में लंबे समय तक हड्डियों के कैंसर का निदान नहीं हो पाता है और बाद में यह स्थिति गंभीर हो जाती है। बच्चों में बोन कैंसर से निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं -

हालांकि, यह भी संभव हैं कि हड्डियों के कैंसर के दौरान मरीज को उपरोक्त के अलावा कुछ अन्य लक्षण भी महसूस हों। लेकिन फिर भी कोई भी लक्षण महसूस होने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए।

हड्डियों के कैंसर का कारण

हड्डियों के कैंसर के सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि यह आमतौर पर हड्डियों के बढ़ने के दौरान किसी असाधारण बदलाव के कारण कैंसर विकसित हो जाता है। कैंसर आमतौर पर कोशिका में किसी प्रकार की असामान्यता के कारण विकसित होता है। कोशिका की यह असामान्यता अनुवांशिक या बाहरी कारकों के कारण हो सकती है। इन स्थितियों में प्रभावित कोशिका विभाजन अनियंत्रित रूप से होता रहता है, जिससे ट्यूमर बन जाता है या फिर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है। निम्न कुछ कारक दिए गए हैं, जो हड्डियों में कैंसर का कारण बन सकते हैं -

हड्डियों के कैंसर का निदान

डॉक्टर सबसे पहले प्रभावित हिस्से के करीब से जांच करते हैं और मरीज को महसूस हो रहे लक्षणों के बारे में पूछते हैं। इसके बाद कुछ टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है, जिसके आधार पर डॉक्टर स्थिति की पुष्टि करते हैं। हड्डियों के कैंसर का निदान करने के लिए निम्न टेस्ट किए जा सकते हैं -

हड्डियों के कैंसर का इलाज

पहले हड्डियों के कैंसर के लिए उपलब्ध इलाज सिर्फ सर्जरी प्रोसीजर ही थी, जिसकी मदद से कैंसर से प्रभावित अंग को निकाल दिया जाता था। लेकिन मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की कर ली है और अब बोन कैंसर के लगभग 90 प्रतिशत मामलों में व्यक्ति को पूरा अंग निकलवाने की जरूरत नहीं पड़ती है। आजकल बोन कैंसर का इलाज उसके प्रकार, लोकेशन, कैंसर की स्टेज और व्यक्ति के अनुसार किया जाता है। हड्डियों के कैंसर के इलाज में निम्न को शामिल किया जा सकता है -