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बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder)

Dr. Gokul Ratakonda
Psychiatrist

verified
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बाइपोलर डिसऑर्डर एक ऐसी मानसिक स्थिति में जिसमें व्‍यक्ति की भावनाएं स्थिर नहीं रहती हैं। इस स्थिति में कई बार व्‍यक्ति अपने व्‍यवहार पर भी नियंत्रण नहीं रख पाता है। जानिए बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण, लक्षण और उपचार क्‍या हैं.

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बाइपोलर डिसऑर्डर के प्रकार

(Types of Bipolar disorder) बाइपोलर डिसऑर्डर 4 प्रकार के होते हैं: बाइपोलर 1: यह द्विध्रुवी विकार का सबसे गंभीर रूप है। इस प्रकार के विकार के लक्षणों में शामिल हैं:

बाइपोलर 2: हालांकि इस प्रकार के बाइपोलर डिसऑर्डर वाले व्यक्ति को बाइपोलर I की तरह अवसाद और मैनिया के एपिसोड का अनुभव होता है, लेकिन मैनिक एपिसोड की तीव्रता कम गंभीर होती है। जिसे हाइपोमेनिक एपिसोड कहते हैं। बाइपोलर 3: इसे साइक्लोथिमिक डिसऑर्डर (साइक्लोथाइमिया) कहते हैं। बाइपोलर डिसऑर्डर का ये प्रकार बहुत कम लोगों को प्रभावित करता है लेकिन इसकी विशेषता ये है कि अगर इसकी चपेट में कोई व्‍यस्‍क आ जाए तो उन्‍हें ये करीब 2 साल तक परेशान कर सकता है और बच्‍चों और किशोरों में ये एक वर्ष तक रहता है। हालांकि इसके लक्षण गंभीर नहीं होते हैं इसलिए इसका पता आसानी से नहीं लगता है। बाइपोलर 4: कुछ अलग तरह के बाइपोलर डिसऑर्डर: ऐसे व्यक्ति जिन्‍हें असामान्य रूप से अपनी मनोदशा में परिवर्तन तो महसूस होता है लेकिन इनके लक्षण बाइपोलर डिसऑर्डर के किसी भी प्रकार से मेल नहीं खाते हैं, उन्हें अनिर्दिष्ट (Unspecified) द्विध्रुवी विकार कहते हैं।

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण

(Bipolar disorder symptoms) मैनिक एपिसोड (मूड डिसऑर्डर) के दौरान होने वाले लक्षणों में शामिल हैं:

अवसादग्रस्तता के एपिसोड (Depressive Episodes) के दौरान होने वाले लक्षणों में शामिल हैं:

बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण

(Bipolar disorder causes) शोधकर्ताओं ने अभी तक किसी विशिष्ट कारणों की पहचान नहीं की है, जो बाइपोलर डिसऑर्डर के विकास में योगदान देता है। बाइपोलर डिसऑर्डर के जोखिम कारक (Risk factors of Bipolar disorder) बाइपोलर डिसऑर्डर के विकास में योगदान करने वाले कारकों में शामिल हैं: पारिवारिक इतिहास: बाइपोलर डिसऑर्डर के विकास का जोखिम उन व्यक्तियों में अधिक होता है, जिनके परिवार के सदस्य (माता-पिता या भाई-बहन) कभी इस स्थिति से गुजरे होते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित लगभग 80-90% मरीज ऐसे हैं जिन्‍हें डिप्रेशन या बाइपोलर डिसऑर्डर जेनेटिक मिला है। पर्यावरणीय कारक: दर्दनाक या तनावपूर्ण घटनाओं से निपटने में असमर्थता बाइपोलर डिसऑर्डर को बढ़ावा दे सकते हैं जैसे:

मस्तिष्क की संरचना और कार्य: मस्तिष्क के आकार में भिन्नता या मस्तिष्क के कुछ रसायनों में असंतुलन भी बाइपोलर डिसऑर्डर को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

बाइपोलर डिसऑर्डर से बचाव

(Bipolar disorder preventiom) बाइपोलर डिसऑर्डर के बचाव के लिए कोई निर्धारित उपाय नहीं हैं। हालांकि, निम्नलिखित उपायों के माध्‍यम से शुरुआती संकेतों को पहचानने और इसे रोकने में मदद मिल सकती है:

बाइपोलर डिसऑर्डर का निदान

(Diagnosis of Bipolar disorder) बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षणों को समझने के लिए सबसे पहले चिकित्‍सक रोगी से बात करते हैं। इसके अलावा डॉक्‍टर मरीज के शरीर में अन्य बीमारियों (जैसे, थायरॉइड ग्रंथि की स्थिति) का पता लगाने के लिए एक कम्‍प्‍लीट फिजिकल टेस्‍ट, ब्‍लड टेस्‍ट या बॉडी स्कैन भी करते हैं जिसके माध्‍यम से लक्षणों का पता लगाया जा सके। मेडिकल हिस्‍ट्री, फैमिली हिस्‍ट्री और अन्‍य चल रही दवाओं की लिस्‍ट का भी डॉक्‍टर मूल्यांकन करते हैं। कुछ डॉक्टर लक्षणों को बेहतर ढंग से समझने के लिए परिवार के सदस्यों या मरीज के दोस्तों से भी बात कर सकते हैं। अगर डॉक्टर को बाइपोलर डिसऑर्डर का संदेह होता है, तो व्यक्ति को मेंटल हेल्‍थ केयर प्रोफेशनल की मदद लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे प्रोफेशनल्‍स आमतौर पर बाइपोलर डिसऑर्डर के प्रकार की पहचान करने के लिए लक्षणों के पैटर्न और तीव्रता को बारीकी से समझते हैं। लक्षणों में समानता के कारण, बाइपोलर डिसऑर्डर वाले व्यक्तियों को कभी-कभी गलत तरीके से बॉर्डरलाइन व्यक्तित्व विकार या सिज़ोफ्रेनिया के रूप में निदान किया जाता है।

बाइपोलर डिसऑर्डर का उपचार

(Bipolar disorder treatment) हालांकि बाइपोलर डिसऑर्डर का कोई संभव इलाज अभी तक नहीं है लेकिन कुछ उपचारों की मदद से आप इसके लक्षणों को कम कर सकते हैं:

हालांकि इन दवाइयों के कुछ साइड इफेक्ट भी हैं। अगर आप यह दवाइयां लेते हैं तो आपको निम्न खतरा हो सकता है: अगर आपको लगता है कि आपका कोई जानकर बाइपोलर डिसऑर्डर का शिकार है तो आपको उसे तुरंत मेडिकल हेल्प लेने की सुझाना चाहिए क्योंकि अगर इसे ट्रीट नहीं किया जाता तो यह अधिक गंभीर रूप ले लेता है।

लाइफस्टाइल/ मैनेजमेंट

बाइपोलर डिसआर्डर की जटिलताएं

(Complications of Bipolar disorder) अगर आप बाइपोलर डिसआर्डर को ट्रीट नहीं करते हैं तो आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें शामिल हैं:

बाइपोलर डिसऑर्डर के मरीजों हैं तो आपको पहले से ही स्ट्रेस डिसऑर्डर जैसे कुछ समस्या हो सकती हैं और यह समस्याएं आपके इलाज को और भी अधिक मुश्किल बना सकती हैं।

बाइपोलर डिसआर्डर के वैकल्पिक उपचार