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एलर्जी (Allergy)

Dr. Gaurav Ghatawat
Chest Physician

verified
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एलर्जी एक हाइपरसेंसिटिविटी डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वातावरण में मौजूद हानिरहित पदार्थों के विपरीत प्रतिक्रिया देने लगती है। शरीर इस प्रतिक्रिया को एलर्जिक रिएक्शन कहा जाता है और जिन पदार्थ के कारण यह रिएक्शन हुआ है उन्हें एलर्जन कहा जाता है। एलर्जी किसी भी कारण से हो सकती है जैसे अंडे, गेहूं, मूंगफली, दूध, दवाएं, धूल के कीट, ठंड, बारिश और यहां तक की धूल के कारण भी। भोजन के कारण एलर्जी आमतौर पर उसमें मौजूद किसी एक तत्व से होती है और इसमें अधिकतर मामलों में प्रोटीन के कारण ही एलर्जी होती है। एलर्जन के संपर्क में आने के बाद शरीर में एलर्जी के लक्षण विकसित होने लगते हैं जैसे त्वचा पर चकत्ते होना, हीव्स, खुजली और छींक आना आदि। एलर्जी अस्थमा जैसे रोगों का कारण बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एलर्जी कई अलग-अलग प्रकार की होती है और इसलिए उसका निदान करने के लिए भी टेस्ट अलग-अलग प्रकार के होते हैं। एलर्जी का इलाज भी उसके प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। खाद्य पदार्थों से होने वाली एलर्जी के लिए दवाओं के साथ-साथ अलग से डाइट प्लान भी तैयार किया जाता है। दवाओं या अन्य किसी कारण से होने वाली एलर्जी कई बार अत्यधिक गंभीर हो जाती है और उसे कंट्रोल करने के लिए एपिनेफ्रीन (एड्रेनालाईन) इंजेक्शन देना पड़ता है।

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एलर्जी के प्रकार

एलर्जी किसी एक या फिर अधिक पदार्थों या वस्तुओं से हो सकती है। एलर्जन के प्रकार के अनुसार एलर्जी के अलग-अलग प्रकार हो सकते हैं। एलर्जी के सबसे आम प्रकार निम्न हैं -

एलर्जी के लक्षण

एलर्जी से होने वाले लक्षण आमतौर पर इस बात पर निर्भर करते हैं, कि एलर्जन शरीर के किस हिस्से को प्रभावित कर रहे हैं -

एलर्जी के कुछ प्रकारों में गंभीर लक्षण भी पैदा हो सकते हैं। यदि आपको निम्न में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है, तो जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क करें -
  1. सांस लेने में दिक्कत होना या गंभीर रूप से सांस फूलना
  2. सीने में जकड़न या दर्द महसूस होना
  3. त्वचा की मोटाई और सूजन लगातार बढ़ना
  4. त्वचा में आई सूजन में खुजली होना और पित्त उबरना
  5. एनाफिलेक्टिक शॉक लगना (एक जानलेवा एलर्जिक रिएक्शन)

एलर्जी के कारण

एलर्जी आमतौर पर एक अनुवांशिक बीमारी है, जो पीढ़ी-दर बढ़ सकती है। एलर्जी में शरीर किसी हानिरहित पदार्थ को हानिकारक बाहरी कण या कोई रोगाणु समझ लेता है और उसके विपरीत प्रतिक्रिया करने लगता है। एलर्जी के दौरान शरीर एलर्जन को प्रतिक्रिया देने लिए खास प्रकार के एंटीबॉडी (IgE Antibodies) छोड़ता है, जो शरीर कई अलग-अलग कोशिकाओं से जुड़ जाते हैं। ऐसे में जब भी शरीर दोबारा एलर्जन के संपर्क में आता है, तो ये कोशिकाएं हिस्टामिन नामक रसायन को छोड़ती है और यह केमिकल शरीर में एलर्जी के लक्षण पैदा करता है।

एलर्जी के जोखिम कारक

एलर्जी एक अनुवांशिक रोग है, इसलिए परिवार में एक व्यक्ति को यह रोग होने पर अन्य लोगों को भी यह समस्या होने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा कुछ वातावरणीय कारक जैसे वायु प्रदूषण व सिगरेट पीना आदि भी एलर्जी होने के खतरे को बढ़ा सकती है। हालांकि, कुछ लोग जिनका शरीर सेंसिटिव है, उनमें निम्न कारकों से भी एलर्जी होने का खतरा बढ़ जाता है -
  1. परफ्यूम
  2. तनाव
  3. स्ट्रोक
  4. हार्मोन

एलर्जी की रोकथाम

एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थों (एलर्जन) के संपर्क में आने से जितना हो सके बचना ही एलर्जी की रोकथाम करने का सबसे अच्छा तरीका है। ऐसा करने के लिए निम्न टिप्स को फॉलो किया जा सकता है -

एलर्जी का निदान

आपको एलर्जिक रिएक्शन हुआ है या नहीं यह पता लगाने के लिए डॉक्टर सीबीसी (CBC) जैसे साधारण टेस्ट करते हैं। दिशा पैथोलॉजी लैब्स, मुंबई में चीफ पैथोलॉजिस्ट और डायरेक्टर डॉक्टर आभा श्रॉफ के अनुसार यदि टेस्ट के रिजल्ट में इयोसिनोफिल लेवल और आईजीई लेवल बढ़ा हुआ दिखाई देता है, तो आप एलर्जी से ग्रस्त हो सकते हैं। एलर्जी का कारण बनने वाले एलर्जन का पता लगाने केलिए डॉक्टर आपके निम्न टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं -

एलर्जी का इलाज

हालांकि, एलर्जी को इलाज की मदद से पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हालांकि, इलाज की मदद से इसके लक्षणों को गंभीर होने से रोका जा सकता है। एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थ के अनुसार अलग-अलग दवाएं दी जा सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -

एलर्जी की जटिलताएं

दवाओं व अन्य कई पदार्थों से होने वाली एलर्जी के कारण कई बार एनाफिलेक्सिस होने का खतरा बढ़ जाता है। यह एक जानलेवा स्थिति है, जिसमें व्यक्ति के श्वसन मार्गों, गले, जीभ और अन्य हिस्सों में सूजन आ जाती है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।