Sushantdeep Sagvekar

झिंंदगी बढी हसीन है हर पल को जीना सिखो हर पल बसी खुशिया हजारो ।
किसी को खुशी देकर देखो, किसी का गम लेकर देखो,
खुशीया बसी इस हर पल इस हर पल को तुम खुल के जीकर तो देखो ।

झिंंदगी बढी हसीन है हर पल को जीना सिखो हर पल बसी खुशिया हजारो । किसी को खुशी देकर देखो, किसी का गम लेकर देखो, खुशीया बसी इस हर पल इस हर पल को तुम खुल के जीकर तो देखो ।

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